विकास प्राधिकरण की कार्रवाई को चुनौती ।

Uttar-Pradesh

विकास प्राधिकरण की कार्रवाई को चुनौती ।

सौंख रोड स्थित बैकुंठ संगम कॉलोनी में सीलिंग के बाद भी निर्माण कार्य जारी रहने का मामला, नोटिस हटाने और सील से छेड़छाड़ के आरोप, जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल ।

By (@newspunch) October 23, 2026 1575 views

@NewsPunch 24

मथुरा। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (MVDA) की सीलिंग कार्रवाई कितनी प्रभावी साबित हो रही है, इसकी एक चौंकाने वाली तस्वीर सौंख रोड स्थित बैकुंठ संगम कॉलोनी से सामने आई है। ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में चैतन्य विहार के समीप स्थित इस कॉलोनी पर विकास प्राधिकरण ने सीलिंग की कार्रवाई करते हुए नोटिस चस्पा किया था। लेकिन आरोप है कि कुछ समय बाद ही कॉलोनाइजर ने नोटिस हटा दिया और सील के ऊपर काली पन्नी लगाकर कॉलोनी में दोबारा निर्माण कार्य शुरू करा दिया।

जानकारी के अनुसार, विकास प्राधिकरण द्वारा बैकुंठ संगम कॉलोनी में सीलिंग की कार्रवाई किए जाने के बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कॉलोनाइजर ने प्राधिकरण द्वारा चस्पा किए गए नोटिस को हटाने के साथ ही सील से छेड़छाड़ की और उसे काली पन्नी से ढक दिया। अब सवाल उठ रहा है कि जिस कॉलोनी पर प्राधिकरण ने कार्रवाई की थी, वहां दोबारा निर्माण कार्य कराने की अनुमति आखिर किसने दी?

कॉलोनाइजर के हौसले बुलंद । प्राधिकरण की निगरानी पर सवाल 

बैकुंठ संगम कॉलोनी का मामला विकास प्राधिकरण की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आखिर सीलिंग के बाद संबंधित अधिकारियों ने कितनी बार कॉलोनी का निरीक्षण किया? यदि सील की गई कॉलोनी में निर्माण कार्य कराया जा रहा है, तो जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? और यदि जानकारी थी, तो निर्माण कार्य रोकने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए?

 

क्या विकास प्राधिकरण बैकुंठ संगम कॉलोनी में कथित सील से छेड़छाड़ और निर्माण कार्य की जांच कर कॉलोनाइजर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा, या फिर यह मामला भी महज नोटिस और फाइलों तक सीमित रह जाएगा?