घेवर की रिपोर्ट का इंतजार, रक्षाबंधन से पहले खाद्य सुरक्षा पर बड़ा सवाल !

Uttar-Pradesh

घेवर की रिपोर्ट का इंतजार, रक्षाबंधन से पहले खाद्य सुरक्षा पर बड़ा सवाल !

कालीचरण मिठाई बाले की दुकान से करीब दो महीने पहले घेवर को चूंहों दे द्वारा कुतरते हुए एक वीडियो वायरल हुआ । वायरल वीडियो के बाद जिस मिठाई को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए नमूना लिया था, उसकी गुणवत्ता की सच्चाई आखिर कब सामने आएगी?

By (@newspunch) August 22, 2026 1089 views

संवाददाता : नेत्रपाल सिंह (मथुरा)

मथुरा। रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक है और बाजारों में मिठाइयों की बिक्री बढ़ने वाली है। लेकिन इसी बीच मथुरा के मंडी चौराहा स्थित कालीचरण मिठाई बाले की दुकान से करीब दो महीने पहले लिए गए घेवर के सैंपल की जांच रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है। सवाल यह है कि जिस मिठाई को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए नमूना लिया था, उसकी गुणवत्ता की सच्चाई आखिर कब सामने आएगी?

दरअसल, करीब दो महीने पहले कालीचरण मिठाई की दुकान पर घेवर को चूहों द्वारा कुतरते हुए देखे जाने का मामला सामने आया था। मामला सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर घेवर के नमूने लिए, ताकि उसकी गुणवत्ता की जांच कराई जा सके। कार्रवाई के बाद उम्मीद थी कि जांच रिपोर्ट जल्द सामने आएगी और यदि खाद्य पदार्थ मानकों के विपरीत पाया जाता है तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। लेकिन करीब दो महीने बीत जाने के बावजूद सैंपल की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आई है।

अब रक्षाबंधन का त्योहार सामने है। इस दौरान घेवर की मांग अचानक बढ़ जाती है और बड़ी संख्या में लोग मिठाई की दुकानों से घेवर खरीदते हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस दुकान के घेवर का नमूना करीब दो महीने पहले जांच के लिए लिया गया था, उसकी रिपोर्ट अभी तक क्यों नहीं आई?  अगर जांच रिपोर्ट आने में इतना लंबा समय लग रहा है तो क्या तब तक उस खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता की निगरानी की जा रही है? क्या संबंधित विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि दुकान पर वर्तमान में खाद्य सामग्री स्वच्छ और सुरक्षित परिस्थितियों में ही तैयार एवं बेची जा रही है? और सबसे महत्वपूर्ण सवाल—अगर आज भी खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हो रहा हो और रक्षाबंधन पर इस दुकान से खरीदे गए घेवर के सेवन से किसी व्यक्ति की तबीयत खराब होती है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?

यह सवाल केवल एक दुकान का नहीं, बल्कि त्योहार के समय हजारों लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। खाद्य सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी सिर्फ सैंपल लेने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। सैंपल की जांच, रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई और बाजार में सुरक्षित खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। क्योंकि त्योहार खुशियों का होता है, बीमारी का नहीं। और अगर किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर सवाल उठ चुका है, तो रिपोर्ट का इंतजार महीनों तक करना जनता के लिए चिंता का विषय जरूर बन जाता है। हालांकि खाद्य विभाग अधिकारी का कहना है कि जाँच रिपोर्ट अभी प्रोगशाला स्तर पर लंबित है । अब देखना होगा जिस घेवर  का नमूना लिया गया था क्या रक्षाबंधन से पहले  उसकी रिपोर्ट सामने आ पायेगी या फिर उपभोक्ताओं को उसी सवाल के साथ बाजार जाना पड़ेगा—जो मिठाई हम खरीद रहे हैं, क्या वह वाकई सुरक्षित है?