नगर निगम की लापरवाही ने ली श्रद्धालु की जान !
धार्मिक नगरी वृंदावन में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस्कॉन मंदिर के निकट नगर निगम द्वारा लगाए गए हीट वेब कूलर में करंट आने से एक श्रद्धालु की दर्दनाक मौत हो गई।
धार्मिक नगरी वृंदावन में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस्कॉन मंदिर के निकट नगर निगम द्वारा लगाए गए हीट वेब कूलर में करंट आने से एक श्रद्धालु की दर्दनाक मौत हो गई।

संवाददाता : नेत्रपाल सिंह (मथुरा)
वृंदावन। धार्मिक नगरी वृंदावन में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस्कॉन मंदिर के निकट नगर निगम द्वारा लगाए गए हीट वेब कूलर में करंट आने से एक श्रद्धालु की दर्दनाक मौत हो गई।

घटना को लेकर प्रत्यक्षदर्शियों ने दी जानकारी ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक मंदिर क्षेत्र में अपने पिता के साथ दर्शन करने के लिए जा रहा था। इसी दौरान उसने सड़क किनारे लगे नगर निगम के हीट वेब कूलर को छू लिया, जिसमें करंट प्रवाहित हो रहा था। करंट की चपेट में आने से युवक बेहोश हो गया । मौके पर मौजूद लोगों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद क्षेत्र में फैली अफरा तफरी ।
घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा लगाए गए उपकरणों की नियमित जांच और रखरखाव नहीं किया जाता, जिसके चलते यह दर्दनाक हादसा हुआ। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता तो एक निर्दोष श्रद्धालु की जान बच सकती थी।

वृंदावन में प्रतिदिन आते है हजारों लाखों श्रद्धालु ।
वृंदावन में प्रतिदिन हजारों लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सार्वजनिक स्थानों पर लगे विद्युत उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। लेकिन इस घटना ने नगर निगम की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय नागरिकों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मंदिर क्षेत्र सहित पूरे शहर में लगे विद्युत उपकरणों की तत्काल जांच कराने की भी मांग उठाई है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर उदाहरण माना जा रहा है। अब देखना होगा कि नगर निगम इस मामले में जिम्मेदारी तय कर दोषियों पर कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी अन्य घटनाओं की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।